CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए; 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई

ग्वालियर ट्रक हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत के बाद CM मोहन यादव का एक्शन। CSP हटाए गए, 8 पुलिसकर्मी निलंबित और पीड़ितों के लिए मुआवजे का ऐलान।

CM मोहन यादव का बड़ा एक्शन, CSP हटाए गए; 9 पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई
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Gwalior Accident: CM का एक्शन, CSP हटाए; 8 पुलिसकर्मी सस्पेंड

ग्वालियर, मध्यप्रदेश: ग्वालियर के शीतला माता मंदिर के पास हुए दर्दनाक ट्रक हादसे के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस विभाग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत और 26 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री ने झांसी रोड के सीएसपी को हटाने के साथ आठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं। मृतकों के परिजनों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा भी की गई है।

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोपरि है और ड्यूटी में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को घटना की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश भी दिए हैं।

ग्वालियर हादसे के बाद पुलिस विभाग में कार्रवाई

शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे के बाद प्रशासनिक और पुलिस स्तर पर जवाबदेही तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर झांसी रोड के सीएसपी रवि भदौरिया को हटाया गया है। इसके अलावा तीन थाना प्रभारियों समेत पुलिस विभाग के आठ अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के निर्देश दिए गए हैं।

कार्रवाई की सूची में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव, आंतरी थाना प्रभारी गीतेश शर्मा, झांसी रोड के ट्रैफिक थाना प्रभारी अभिषेक रघुवंशी, निरीक्षक यातायात राघवेंद्र जादौन, प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी और आरक्षक किशन खन्ना, अनिल जैतपुरिया तथा पवन सेंगर के नाम शामिल हैं।

सरकार की ओर से इस कार्रवाई को कर्तव्य में लापरवाही के मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में उठाया गया कदम बताया गया है।

शीतला माता मंदिर के पास ट्रक ने श्रद्धालुओं को कुचला

हादसा शनिवार देर रात करीब 1:30 बजे चीनौर रोड पर शीतला माता मंदिर के पास हुआ। उस समय बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर में दर्शन के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रक ढलान पर अनियंत्रित होकर श्रद्धालुओं और सड़क किनारे लगी दुकानों से टकराता हुआ मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंच गया।

टक्कर इतनी भीषण थी कि मंदिर के गेट की दीवार भी ढह गई। हादसे के बाद घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और प्रशासन की टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

तहसीलदार मनीष जैन के अनुसार, हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 15 हो गई। कुल 26 लोगों के घायल होने की जानकारी दी गई है, जिनमें दो पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है।

CM मोहन यादव ने घोषित की आर्थिक सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर हादसे में श्रद्धालुओं की मौत पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। उन्होंने राज्य सरकार की ओर से मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल लोगों को 2-2 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं। वहीं, अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी। इसके अलावा, सभी घायलों का निशुल्क उपचार कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे से प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के रहने वाले हैं। उन्होंने मंत्री एदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को तत्काल ग्वालियर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने और प्रभावित परिवारों से मुलाकात करने के निर्देश भी दिए हैं।

इंदौर दौरे के दौरान CM ने जांच के दिए निर्देश

इंदौर दौरे के दौरान मीडिया से चर्चा में मुख्यमंत्री ने ग्वालियर हादसे पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने अधिकारियों को दुर्घटना के कारणों की विस्तृत जांच करने और रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए।

सरकार का कहना है कि हादसे में जिम्मेदारी तय की जाएगी और लापरवाही सामने आने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जांच में दुर्घटना के कारणों और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े पहलुओं की पड़ताल महत्वपूर्ण होगी।

ट्रक मालिक और चालक गिरफ्तार

हादसे के मामले में पुलिस ने ट्रक मालिक मोहित सिंह और चालक दिलबाग सिंह को गिरफ्तार किया है। दुर्घटना किन परिस्थितियों में हुई और वाहन चालक ट्रक पर नियंत्रण क्यों नहीं रख सका, इसकी जांच की जा रही है।

उधर, मंत्री राकेश शुक्ला ने ट्रॉमा सेंटर पहुंचकर घायलों और उनके परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

ग्वालियर हादसे ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर उठाए सवाल

शीतला माता मंदिर के पास हुई दुर्घटना ने मंदिरों के आसपास यातायात प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ढलान वाले मार्ग पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी के बीच ट्रक का अनियंत्रित होना इस हादसे की भयावहता का प्रमुख पहलू रहा।

फिलहाल प्रशासन का ध्यान घायलों के उपचार, पीड़ित परिवारों को सहायता और दुर्घटना की जांच पर है। पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई के बाद अब जांच रिपोर्ट से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि हादसे से पहले सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में कहां चूक हुई।