थाईलैंड में मगरमच्छ का मीट खाना पड़ा भारी, उज्जैन नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर की विदेश यात्रा पर विवाद
थाईलैंड में पत्नी के साथ छुट्टियां मनाने गए उज्जैन नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर राजकुमार राठौर का वीडियो वायरल होने के बाद विदेश यात्रा की अनुमति पर सवाल उठे हैं. निगम प्रशासन ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
थाईलैंड की छुट्टियों के दौरान मगरमच्छ का मांस खाने का एक वीडियो उज्जैन नगर निगम के बिल्डिंग ऑफिसर राजकुमार राठौर और उनकी पत्नी के लिए भारी पड़ता नजर आ रहा है. सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद अब नगर निगम ने इस मामले में कड़ा रुख अपना लिया है. निगम प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि अधिकारी ने विदेश यात्रा पर जाने से पहले सरकारी नियमों के तहत ज़रूरी अनुमति ली थी या नहीं.
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पर सामने आई जानकारी के मुताबिक, उज्जैन नगर निगम के ज़ोन 1, 2 और 3 के प्रभार संभाल रहे बिल्डिंग ऑफिसर राजकुमार राठौर हाल ही में अपनी पत्नी के साथ थाईलैंड घूमने गए थे. इस दौरान उनकी पत्नी के ऑफिशियल सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो शेयर किया गया, जिसमें यह कपल एक फूड स्टॉल के बाहर नजर आ रहा है.
उज्जैन नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर का पत्नी के साथ थाईलैंड में मगरमच्छ का मांस खाते वीडियो वायरल। विदेश यात्रा की अनुमति नहीं लेने पर नगर निगम ने विभागीय कार्रवाई के संकेत दिए। #Ujjain #RajkumarRathore #UjjainNagarNigam #ThailandViralVideo #CrocodileMeat #MadhyaPradesh #DepartmentalAction #PeoplesUpdate
— People's Update (@PeoplesUpdate) October 24, 2026
'मगरमच्छ को ट्राई किया'
इस वीडियो क्लिप के साथ कैप्शन लिखा था, 'थाईलैंड में पहली बार मगरमच्छ को ट्राई किया.' वीडियो में स्टॉल के पास रखे मरे हुए मगरमच्छों के विजुअल भी साफ दिखाई दे रहे हैं, जैसे ही यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हुआ, अजीबोगरीब खानपान को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया. हालांकि, इस वायरल वीडियो ने उज्जैन नगर निगम के अधिकारियों का ध्यान सिर्फ खाने की डिश पर नहीं, बल्कि उस प्रक्रिया पर खींचा जिसके तहत यह अधिकारी विदेश पहुंचे थे.
छुट्टी के आवेदन में नहीं था विदेश जाने का जिक्र
उज्जैन नगर निगम के कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि राजकुमार राठौर ने 19 से 23 अक्टूबर तक की छुट्टी के लिए आवेदन किया था. हैरानी की बात यह है कि उनके द्वारा दिए गए लीव एप्लीकेशन में इस बात का कोई भी जिक्र नहीं था कि वे देश छोड़कर विदेश (थाईलैंड) जा रहे हैं. चूंकि शुरुआती जानकारी में यह सामने आ रहा है कि ऑफिसर ने बिना विधिवत पूर्व अनुमति के विदेश यात्रा की है, इसलिए नगर निगम अब इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से पड़ताल कर रहा है.
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सरकारी सेवा नियमों का उल्लंघन और विभागीय कार्रवाई
भारत में सरकारी सेवा नियमों के मुताबिक, किसी भी शासकीय अधिकारी या कर्मचारी को निजी या आधिकारिक विदेश यात्रा पर जाने से पहले सरकार या संबंधित उच्च विभाग से बाकायदा अनुमति लेनी होती है. कमिश्नर अभिलाष मिश्रा ने स्पष्ट किया है कि नगर निगम का पूरा फोकस फिलहाल इस बात पर है कि क्या इस यात्रा के दौरान सेवा नियमों का उल्लंघन हुआ है. कमिश्नर के अनुसार, निगम यह पता लगाने के लिए हालात की पूरी जांच कर रहा है कि क्या ऑफिसर ने नियमों को ताक पर रखकर विदेश यात्रा की. यदि जांच में नियमों का उल्लंघन या बिना अनुमति विदेश जाना साबित होता है, तो राजकुमार राठौर के खिलाफ सख्त डिपार्टमेंटल एक्शन (विभागीय कार्रवाई) की जा सकती है.
