Rahul Gandhi: रामलीला मैदान की रैली से पहले राहुल गांधी की विपक्ष से खास अपील, पुलिस की कार्रवाई पर क्या दी प्रतिक्रिया?
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली से पहले राहुल गांधी ने विपक्षी दलों और छात्र संगठनों से एकजुट होने की अपील की। SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के विरोध में होने वाले इस मार्च को उन्होंने लोकतंत्र और संविधान की रक्षा की लड़ाई बताया।
दिल्ली के रामलीला मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के विरोध में इंडिया गठबंधन की प्रस्तावित रैली से पहले सियासी माहौल गरमा गया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और आम लोगों से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। राहुल गांधी ने ये भी कहा कि 'चलो दिल्ली रामलीला मार्च' लोकतंत्र, संविधान और वोट के अधिकार की रक्षा के लिए है। उन्होंने इसे किसी एक राजनीतिक दल का प्रदर्शन नहीं, बल्कि पूरे देश की आवाज बताया। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का नाम लेते हुए कहा कि जो लोग मौजूदा व्यवस्था से नाराज हैं और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, वे इस प्रदर्शन में शामिल हों। उन्होंने ये भी कहा कि , "एक ही प्रोटेस्ट है- देश का प्रोटेस्ट है।" राहुल गांधी के इस बयान के बाद अब सबकी नजरें रामलीला मैदान में होने वाली रैली पर हैं। सवाल यह है कि विपक्ष के इस शक्ति प्रदर्शन में कितने राजनीतिक दल और छात्र संगठन एक मंच पर नजर आएंगे?
पुलिस और लाठियों से डरने की जरूरत नहीं', रैली से पहले राहुल गांधी का बड़ा संदेश
दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली से पहले लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों से निडर होकर आगे आने की अपील की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि पुलिस या लाठियों से डरने की जरूरत नहीं है। राहुल गांधी ने अपने संदेश में कहा, "पुलिस की चिंता मत करो, लाठियों की चिंता मत करो। बीजेपी में उनकी कोई भी हरकत आजमाने की हिम्मत नहीं होगी।" उन्होंने लोगों से संविधान और देश की रक्षा के लिए एकजुट होकर मार्च में शामिल होने की अपील की। कांग्रेस नेता ने कहा कि यह मार्च संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए है। उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि डरने की जरूरत नहीं है और सभी को एक साथ आगे बढ़ना चाहिए।
नमस्कार, चलो दिल्ली रामलीला मार्च, लोकतंत्र को बचाने का, वोट चोरी को रोकने का, संविधान को बचाने का मार्च है। यह किसी एक राजनीतिक पार्टी का मार्च नहीं - यह हिंदुस्तान की आत्मा का मार्च है। सब लोग जो नरेंद्र मोदी, अमित शाह, ज्ञानेश कुमार से तंग हैं। सब लोग जो लोकतंत्र को बचाना चाहते हैं, संविधान की रक्षा करना चाहते हैं, आप सब आइए। एक ही protest है - देश का protest है। Don't worry about the police, don't worry about lathis - the BJP will not have the guts to try any of their antics. Come march with us - we will walk together to protect the Constitution, to protect the Indian nation. घबराने की जरूरत नहीं है। I urge all student groups, regardless of your political affiliation - if you feel that India is under attack, if you feel you are under attack, your expression, your ideas, your way of thinking is under attack, come and join us. It will be a fantastic march, and it's a march for the soul of this country. Looking forward to seeing all of you there. ????️ 1 नवंबर ???? रामलीला मैदान, नई दिल्ली #ChaloDilli
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) October 29, 2026
इंडिया गठबंधन की दो बड़ी मांगें, 1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली
इंडिया गठबंधन ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विरोध तेज करने का ऐलान किया है। गठबंधन की दो प्रमुख मांगें हैं—मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा और SIR प्रक्रिया पर रोक। इन्हीं मांगों को लेकर विपक्षी दलों ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की घोषणा की है। इससे पहले 30 अक्टूबर को विपक्षी दलों ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ 'जनता का महाभियोग' अभियान शुरू करने का ऐलान किया है।
राजनीतिक विचारधारा चाहे जो भी हो, हमारे साथ आएं, राहुल गांधी की छात्रों से खास अपील
रामलीला मैदान में होने वाली इंडिया गठबंधन की रैली से पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर के छात्र संगठनों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि छात्र चाहे किसी भी राजनीतिक विचारधारा से जुड़े हों, अगर उन्हें लगता है कि उनकी आवाज, विचारों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला हो रहा है, तो उन्हें इस मार्च में शामिल होना चाहिए। राहुल गांधी ने इस प्रदर्शन को 'देश की आत्मा के लिए मार्च' बताते हुए कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल की लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संविधान की रक्षा का सवाल है। उन्होंने छात्रों से बड़ी संख्या में रैली में शामिल होने की अपील की।
Falak Abdeen 