Kuno National Park: चीते की मौत से गमगीन हुए वन अधिकारी, लोगों से की ये अपील

कूनो नेशनल पार्क में चीता शावक की मौत से IFS अधिकारी उत्तम शर्मा दुखी हैं। उन्होंने लोगों से चीता संरक्षण अभियान में एकजुट होने की अपील की है।

Kuno National Park: चीते की मौत से गमगीन हुए वन अधिकारी, लोगों से की ये अपील

मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में 19 महीने के एक चीता शावक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मादा चीता निर्वा के नर शावक की मौत से वन्यजीव संरक्षण से जुड़े लोगों में चिंता बढ़ गई है। इस घटना के बाद कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर और IFS अधिकारी उत्तम शर्मा ने सोशल मीडिया पर एक भावुक संदेश साझा किया। उन्होंने शावक की मौत पर दुख जताते हुए कहा कि इस घटना ने उनका दिल तोड़ दिया है। वहीं, शावक की मौत के बाद वन्यजीव कार्यकर्ताओं ने मामले की CBI जांच की मांग की है। उन्होंने कूनो में चीतों की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं।

सोशल मीडिया पर छलका IFS अधिकारी का दर्द

कूनो नेशनल पार्क के डायरेक्टर और भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी उत्तम शर्मा ने चीता शावक की मौत पर गहरा दुख जताया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लिखा, "KNG22 की मौत ने मेरा दिल तोड़ दिया है। उसे इस तरह खो देना बेहद दुखद है। इस सदमे को स्वीकार करना मुश्किल हो रहा है, उन्होंने अपने संदेश में कहा कि भारत वन्यजीव संरक्षण के क्षेत्र में इतिहास रच रहा है और हर व्यक्ति को इस अभियान का हिस्सा बनना चाहिए। उत्तम शर्मा ने अपील की कि मतभेदों और बहसों पर चर्चा बाद में भी हो सकती है, लेकिन फिलहाल चीतों के संरक्षण और उनकी सुरक्षा के लिए सभी को एकजुट होकर काम करने की जरूरत है।

चीते के पेट में मिले धातु के 3-4 छर्रे, इलाज के दौरान हुई मौत

वन विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक, 19 महीने का नर चीता शावक 25 अक्टूबर की शाम को श्योपुर से सटे मुरैना जिले के एक प्रादेशिक वन क्षेत्र में घायल अवस्था में मिला था। निगरानी टीम ने उसे रेस्क्यू कर पहले कूनो नेशनल पार्क पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जबलपुर भेजा गया। जांच के दौरान शावक के पेट में धातु के तीन से चार छर्रे मिले। इसके बाद अधिकारियों को आशंका हुई कि वह किसी संदिग्ध गोलीबारी का शिकार हुआ हो सकता है। हालांकि, इलाज के दौरान शावक ने दम तोड़ दिया।

चीता शावक की मौत पर CBI जांच की मांग

वन्यजीव कार्यकर्ता अजय दुबे ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए मामले की CBI जांच कराने की मांग की है। दुबे का कहना है कि उन्होंने कई सालों से इस तरह के खतरों को लेकर चेतावनी दी थी, लेकिन उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि कूनो में जन्मे और रेडियो कॉलर से लैस चीता शावक का मुरैना के जंगलों में धातु के छर्रों के साथ घायल मिलना पार्क के बाहर निगरानी, ट्रैकिंग और एंटी-पोचिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। उनके मुताबिक, घटना की पूरी सच्चाई सामने लाने के लिए स्वतंत्र और वैज्ञानिक जांच जरूरी है।