दुर्गा पूजा पर मंदिर पहुंचे बांग्लादेश के पीएम तारिक रहमान, 10 लाख रुपये दान कर दिया बड़ा संदेश
बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान दुर्गा पूजा पर रंगपुर के राधा गोबिंद धर्मसभा मंदिर पहुंचे। उन्होंने 10 लाख रुपये का चेक दान किया और सभी धर्मों को समान अधिकार देने की अपील की।
बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के अवसर पर प्रधानमंत्री तारिक रहमान रंगपुर के राधा गोबिंद धर्मसभा मंदिर पहुंचे। यहां उन्होंने सभी धर्मों के लोगों को समान अधिकार देने और देश की तरक्की के लिए मिलकर काम करने की अपील की। मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने 10 लाख रुपये का चेक दान किया और हॉस्टल निर्माण में सहयोग का आश्वासन भी दिया।
मंदिर में किया स्वागत, 10 लाख रुपये का चेक दिया
रिपोर्ट के मुताबिक, मंदिर के अध्यक्ष भवतोष सरकार और महासचिव खोकोन सरकार ने प्रधानमंत्री तारिक रहमान का स्वागत किया और उन्हें स्मृति चिह्न भेंट किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने मंदिर को 10 लाख रुपये का चेक दिया। उन्होंने मंदिर परिसर में हॉस्टल बनाने का आश्वासन भी दिया।
सभी धर्मों को समान अधिकार देने पर जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए तारिक रहमान ने कहा कि बांग्लादेश में रहने वाले हिंदू, मुस्लिम, बौद्ध, ईसाई और अन्य धर्मों के लोगों को समान अधिकार मिलने चाहिए। उन्होंने देश की आजादी के लिए 1971 में हुए मुक्ति संग्राम का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान लोगों ने धर्म, विचार और सामाजिक पहचान से ऊपर उठकर संघर्ष किया था।
उन्होंने वर्ष 2024 के छात्र आंदोलन का भी उल्लेख किया और पुराने मतभेदों में उलझने के बजाय भविष्य की चुनौतियों और विकास पर ध्यान देने की अपील की।
रंगपुर के विकास के लिए 1,800 करोड़ रुपये की मंजूरी
तारिक रहमान ने रंगपुर शहर के विकास से जुड़ी योजनाओं का भी जिक्र किया। रिपोर्ट के अनुसार, कार्यकारी राष्ट्रीय आर्थिक परिषद (ECNEC) की बैठक में रंगपुर के विकास के लिए 1,800 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है।
इस राशि से क्षेत्र में पुल, पुलिया, स्कूल, कॉलेज और अन्य जरूरी सुविधाओं के विकास से जुड़े काम किए जाने की बात कही गई। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में शांति और स्थिरता बनाए रखना जरूरी है। अशांति का असर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाओं, कारोबार और रोजगार पर पड़ सकता है।
कब प्रधानमंत्री बने तारिक रहमान?
एबीपी की रिपोर्ट के अनुसार, तारिक रहमान बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के नेतृत्व में चुनाव जीतने के बाद फरवरी 2026 में प्रधानमंत्री बने। इससे पहले उन्होंने 17 साल से अधिक समय लंदन में निर्वासन में बिताया था और दिसंबर 2025 में बांग्लादेश लौटे थे।
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