दिग्गज कंपनियों का घट रहा दबदबा, गली-मोहल्ले की किराना दुकानों पर नए ब्रांड्स की बढ़ती धमक
देश के किराना स्टोर्स में नए जमाने के FMCG ब्रांड्स की हिस्सेदारी बढ़कर 21.7% हो गई है. Bizom के डेटा के मुताबिक, पुरानी दिग्गज कंपनियों का मार्केट शेयर एक साल में 85.2% से गिरकर 78.3% पर आ गया है.
आपके घर के पास वाली किराना दुकान की अलमारियां अब तेजी से बदल रही हैं। जिन दुकानों पर सालों से कुछ गिनी-चुनी पुरानी कंपनियों का राज चलता था, वहां अब नए जमाने के ब्रांड्स अपनी जगह बना रहे हैं। रिटेल इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म Bizom के ताजा आंकड़ों ने बाजार की इस बदलती तस्वीर को साफ कर दिया है। देश की 1 करोड़ किराना दुकानों को ट्रैक करने वाले Bizom के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में नए कंज्यूमर ब्रांड्स की बाजार हिस्सेदारी बढ़कर 21.7 फीसदी हो गई है। ठीक एक साल पहले ये आंकड़ा सिर्फ 14.8 फीसदी था। दूसरी तरफ, सालों से बाजार पर राज कर रही पुरानी एफएमसीजी (FMCG) कंपनियों की हिस्सेदारी 85.2 फीसदी से घटकर 78.3 फीसदी पर आ गई है।
दुकानों में जगह बनाना आसान, टिके रहना मुश्किल
ऑनलाइन से निकलकर सीधे ग्राहकों तक पहुंचने वाले (D2C) ब्रांड्स ने सितंबर तिमाही में ही शहरी से लेकर ग्रामीण बाजारों तक अपनी किराना पहुंच में 200 बेसिस पॉइंट्स का इजाफा किया है। इस दौरान पुरानी कंपनियों ने अपने 1.9 फीसदी शहरी किराना आउटलेट खो दिए, हालांकि गांवों में उनके स्टोर्स की संख्या 2.3 फीसदी बढ़ी है। नए स्टार्टअप्स ने ब्रांड बनाने का गणित ही बदल दिया है। ये कंपनियां शहर के उन प्रीमियम ग्राहकों को टारगेट करती हैं जो ज्यादा पैसे देने को तैयार हैं। ये तेजी से नए प्रोडक्ट लॉन्च करती हैं, भले ही उनमें से कुछ फेल हो जाएं।
हालांकि, ये रास्ता इतना भी आसान नहीं है. Bizom के ग्रोथ ऑफिसर पार्थ सेठी का कहना है कि नए ब्रांड्स के लिए असली परीक्षा अब शुरू हुई है। पुरानी कंपनियों के गहरे ऑफलाइन नेटवर्क के सामने अपने इतने बड़े डिस्ट्रिब्यूशन को लगातार बनाए रखना एक बड़ी चुनौती है। तरुण अरोड़ा भी मानते हैं कि दुकानों में सामान पहुंचाना तो आसान है, लेकिन लंबे समय तक बिक्री बनाए रखना मुश्किल काम है। सिर्फ दुकानदारों को ज्यादा मुनाफा देकर दुकान की शेल्फ पर कब्जा नहीं किया जा सकता। डिजिटल कंपनियों के लिए आम बाजार में पैर पसारना आज भी काफी महंगा और समय लेने वाला काम है।
बड़ी कंपनियों ने अपनाया अधिग्रहण का रास्ता
नए ब्रांड्स की बढ़ती ताकत को देखते हुए देश की दिग्गज कंपनियों ने भी अपनी रणनीति बदली है। हिंदुस्तान यूनिलीवर, मैरिको, गोदरेज कंज्यूमर, आईटीसी जैसी बड़ी कंपनियों ने कई मशहूर नए ब्रांड्स को खरीद लिया है. इनमें मिनिमलिस्ट (Minimalist), ओजिवा (Oziva), बियर्डो (Beardo), योगा बार (Yoga Bar), मदर स्पर्श (Mother Sparsh), प्लिक्स (Plix), ट्रू एलिमेंट्स (True Elements), कॉस्मिक्स (Cosmix), 4700BC जैसे नाम शामिल हैं। पार्थ सेठी बताते हैं कि Bizom के मौजूदा आंकड़ों में उन डिजिटल ब्रांड्स को शामिल नहीं किया गया है जिन्हें बड़ी एफएमसीजी कंपनियों ने खरीदकर अपने बिजनेस में मिला लिया है। अगर इन ब्रांड्स के आंकड़ों को भी जोड़ लिया जाए, तो किराना बाजार में नए जमाने के ब्रांड्स की हिस्सेदारी और भी ज्यादा बड़ी नजर आएगी।
