आदिपुरुष फ्लॉप थी, लेकिन..! Manoj Muntashir बोले- 'फिल्म की गलतियों के लिए माफी मांग ली, पर गानों को चुनौती न दें'
मनोज मुंतशिर ने आदिपुरुष के डायलॉग्स को खराब बताते हुए फिल्म के गानों का बचाव किया है. उन्होंने रामभक्तों से माफी मिलने का जिक्र करते हुए अपील की कि गानों पर सवाल न उठाए जाएं.
गीतकार मनोज मुंतशिर (Manoj Muntashir) ने हाल ही में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट लिखकर अपनी बात रखी. उन्होंने ओम राउत की 2023 में आई फिल्म 'आदिपुरुष' के बारे में बात की. इस फिल्म में प्रभास लीड रोल में थे. मुंतशिर ने कहा कि फिल्म में हुई गलतियों के लिए उन्होंने भगवान राम के भक्तों से अनगिनत बार माफी मांगी है. भक्तों ने उन्हें माफ भी कर दिया. लेकिन उन्होंने लोगों से अपील की कि फिल्म के गानों पर सवाल न उठाएं.
मुंतशिर के अनुसार ये गाने श्रद्धा, समर्पण और अच्छे काव्य पर आधारित हैं. उन्होंने लिखा कि उन्होंने भगवान राम के लिए न तो नर्सरी राइम्स लिखीं और न ही कव्वालियां. आगे उन्होंने जोड़ा कि लोग समझदार हैं और खुद जानते हैं कि कौन कितने पानी में है. उन्होंने अपनी बात जय श्री राम कहकर समाप्त की.
'मनोज मुंतशिर वाला कारनामा'
उन्होंने एक न्यूज चैनल पर भी टिप्पणी की. उस चैनल ने आदिपुरुष के गानों को 'मनोज मुंतशिर वाला कारनामा' कहकर पेश किया था. मुंतशिर ने इसे बेवकूफी भरी बात बताया. उन्होंने कहा कि काश रणबीर कपूर स्टारर आने वाली 'रामायण' फिल्म के गानों में भी उनकी जैसी उपलब्धि दोहराई जाए. गीतकार ने दावा किया कि 'आदिपुरुष' बहुत खराब फिल्म थी और उसके डायलॉग तो और भी बुरे थे. लेकिन गाने इतने लोकप्रिय हो गए कि देश का बच्चा-बच्चा उन्हें गाता है. उन्होंने बताया कि अयोध्यापुरी की गलियों में आज भी 'आदिपुरुष' के गाने बजते सुनाई देते हैं. हर बच्चा इन गीतों को गा रहा है.
आदिपुरुष में प्रभास के अलावा सैफ अली खान, कृति सैनॉन, सनी सिंह और देवदत्त नागे भी थे. फिल्म बॉक्स ऑफिस पर फ्लॉप साबित हुई थी. फिर भी मुंतशिर का मानना है कि गाने अलग बात हैं। उनमें भक्ति और समर्पण की कमी नहीं थी. उन्होंने बार-बार दोहराया कि गलती के लिए माफी मांग ली गई और मिल भी गई, इसलिए अब गानों को चुनौती नहीं देनी चाहिए.
मनोज मुंतशिर वाला कारनामा? बड़ी जाहिलों जैसी बात की है देश के स्वघोषित सर्वश्रेष्ठ न्यूज़ चैनल ने. मेरे भाई काश रामायण के गीतों में मेरा वाला कारनामा दोहराया जाता. आदिपुरुष बहुत ख़राब फ़िल्म थी, संवाद और भी ख़राब थे, लेकिन गीत तो देश का बच्चा-बच्चा गाता है. कभी जाइए श्री अयोध्या पूरी, गली-गली में आदिपुरुष के ही गीत बज रहे होते हैं. जो ग़लती मुझसे हुई, मैंने उसके लिए अनगिनत बार रामभक्तों से क्षमा माँगी और क्षमा मिली भी, लेकिन गीतों को चैलेंज मत करिए. उनमें श्रद्धा, समर्पण और कवित्त की कोइ कमी नहीं थी. न मैंने राम के लिए नर्सरी राइम्स लिखी न कव्वालियाँ. आगे लोग समझदार हैं, जानते हैं कौन कितने पानी के है. जय श्री राम.
— Manoj Muntashir Shukla (@manojmuntashir) October 28, 2026
'रामयण' में कव्वाली?
