MP Police Bharti 2026: पहले लिखित परीक्षा या फिजिकल टेस्ट? भर्ती बोर्ड पर 4 बड़े सवाल
MP Police Bharti 2026 में भर्ती बोर्ड के गठन पर 4 अहम सवाल लंबित हैं। जानें लिखित परीक्षा, फिजिकल टेस्ट, 7500 आरक्षक पदों और नए बोर्ड से जुड़े अपडेट।
मध्यप्रदेश में पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन को लेकर तैयारियां जारी हैं, लेकिन इसके स्वरूप और कामकाज से जुड़े चार अहम मुद्दों पर अंतिम फैसला होना बाकी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि पुलिस भर्ती में पहले लिखित परीक्षा आयोजित की जाएगी या फिजिकल टेस्ट। इसके अलावा बोर्ड की प्रशासनिक स्थिति, भर्ती का दायरा और चेयरमैन की नियुक्ति को लेकर भी निर्णय लिया जाना है।
मुख्य सचिव अशोक वर्णवाल 22 और 23 अक्टूबर 2026 को बोर्ड के प्रस्तावित ड्राफ्ट की समीक्षा कर सकते हैं। इसके बाद प्रस्ताव को कैबिनेट के सामने रखने की तैयारी है। हालांकि, बोर्ड के गठन और परीक्षा प्रक्रिया में बदलाव को लेकर अंतिम निर्णय अभी सामने नहीं आया है।
MP Police Recruitment Board पर क्यों अटका फैसला?
मध्यप्रदेश गृह विभाग पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की प्रक्रिया पर काम कर रहा है। इस दौरान चार प्रमुख मुद्दे चर्चा में हैं, जिन पर सहमति बनने के बाद ही बोर्ड की संरचना और जिम्मेदारियां स्पष्ट हो सकेंगी।
सबसे पहले भर्ती परीक्षा के क्रम पर फैसला होना है। उम्मीदवारों के लिए यह जानना जरूरी है कि चयन प्रक्रिया की शुरुआत लिखित परीक्षा से होगी या शारीरिक दक्षता परीक्षा से।
दूसरा मुद्दा बोर्ड की प्रशासनिक स्थिति का है। बोर्ड को स्वतंत्र संस्था के रूप में काम करना चाहिए या गृह विभाग के अधीन रखना चाहिए, इस पर निर्णय बाकी है।
तीसरा सवाल यह है कि बोर्ड केवल पुलिस विभाग की भर्तियां आयोजित करेगा या अन्य वर्दीधारी विभागों की भर्ती भी इसके दायरे में लाई जाएगी। चौथा मुद्दा बोर्ड के चेयरमैन की नियुक्ति से संबंधित है।
22-23 अक्टूबर को ड्राफ्ट की समीक्षा संभव
गृह विभाग ने इन मुद्दों पर अलग-अलग विकल्पों पर विचार किया है। प्रस्तावित ड्राफ्ट की समीक्षा के बाद इसे कैबिनेट के सामने भेजा जा सकता है।
गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव संजय शुक्ला के अनुसार, बोर्ड के गठन की तैयारी अंतिम चरण में है, लेकिन कुछ अहम बिंदुओं पर अंतिम निर्णय लिया जाना बाकी है।
कैबिनेट की मंजूरी और आधिकारिक आदेश के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बोर्ड किस संरचना के तहत काम करेगा और भर्ती प्रक्रिया की जिम्मेदारी कैसे तय की जाएगी।
मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद भी बोर्ड का इंतजार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 15 अगस्त 2025 को मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा की थी। इसके बाद से बोर्ड बनाने की प्रक्रिया पर काम चल रहा है।
फिलहाल पुलिस भर्ती परीक्षाएं मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) के माध्यम से आयोजित की जाती हैं। नए बोर्ड के गठन के बाद भर्ती से जुड़ी जिम्मेदारियों में बदलाव होगा या नहीं, यह अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगा।
7500 आरक्षक पदों की भर्ती पर उम्मीदवारों की नजर
मध्यप्रदेश में 7500 आरक्षक पदों की भर्ती उम्मीदवारों के लिए महत्वपूर्ण है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, इनमें जिला पुलिस बल के 6800 और विशेष सशस्त्र बल (SAF) के 700 पद शामिल हैं।
इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 22 सितंबर से 6 अक्टूबर 2026 तक चली थी। लिखित परीक्षा 19 नवंबर 2026 से ऑनलाइन आयोजित किए जाने का कार्यक्रम बताया गया है। परीक्षा केंद्रों के लिए 13 शहर निर्धारित किए जाने की जानकारी भी दी गई है।
इस बीच, पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन को लेकर उम्मीदवारों के मन में यह सवाल है कि नई व्यवस्था का मौजूदा भर्ती प्रक्रिया पर कोई असर पड़ेगा या नहीं। जब तक आधिकारिक आदेश जारी नहीं होता, तब तक परीक्षा की तारीख और चयन प्रक्रिया के बारे में मौजूदा आधिकारिक सूचना को ही आधार मानना चाहिए।
आरक्षक चालक के 1000 पदों पर भी भर्ती
आरक्षक चालक के 1000 पदों के लिए आवेदन प्रक्रिया 15 से 29 अक्टूबर 2026 तक प्रस्तावित है। इनमें विशेष सशस्त्र बल के 200 और जिला पुलिस बल के 800 पद शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ये पद पुरुष उम्मीदवारों के लिए हैं और परीक्षा 4 जनवरी 2027 से संभावित बताई गई है।
इस भर्ती में शामिल होने वाले उम्मीदवारों के लिए भी बोर्ड के गठन से जुड़े फैसले महत्वपूर्ण हैं। हालांकि, परीक्षा कार्यक्रम या चयन प्रक्रिया में बदलाव की पुष्टि आधिकारिक सूचना जारी होने के बाद ही मानी जानी चाहिए।
उम्मीदवारों के लिए लिखित परीक्षा और फिजिकल टेस्ट का क्रम क्यों अहम?
पुलिस भर्ती में लिखित परीक्षा और शारीरिक दक्षता परीक्षा का क्रम उम्मीदवारों की तैयारी की रणनीति को प्रभावित कर सकता है। लिखित परीक्षा पहले होने पर अभ्यर्थियों को सामान्य ज्ञान, रीजनिंग और अन्य निर्धारित विषयों पर अधिक ध्यान देना होगा। वहीं, फिजिकल टेस्ट पहले होने की स्थिति में शारीरिक तैयारी की प्राथमिकता बढ़ सकती है।
फिलहाल, मध्यप्रदेश पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन से जुड़े इन सवालों पर अंतिम निर्णय का इंतजार है। उम्मीदवारों को सलाह है कि वे आधिकारिक भर्ती विज्ञापन और MPESB की सूचनाओं पर नजर रखें तथा परीक्षा की तैयारी जारी रखें।
MP Police Bharti 2026: अब आगे क्या होगा?
आगे की प्रक्रिया में सबसे पहले प्रस्तावित ड्राफ्ट की समीक्षा होने की संभावना है। इसके बाद प्रस्ताव कैबिनेट के सामने रखा जा सकता है। कैबिनेट की मंजूरी और संबंधित आधिकारिक आदेश जारी होने के बाद बोर्ड के स्वरूप, चेयरमैन और भर्ती संबंधी जिम्मेदारियों की स्थिति स्पष्ट होगी।
फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि पुलिस भर्ती बोर्ड बनने के बाद चयन प्रक्रिया में कोई बदलाव होगा या मौजूदा परीक्षाएं MPESB के माध्यम से ही आयोजित होंगी। इस संबंध में उम्मीदवारों को आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।
