परविंदर झोटा हत्याकांड से मानसा में तनाव, आरोपी के घर में आगजनी; बंद को SGPC का समर्थन

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में पंजाब बंद का ऐलान हुआ है। SGPC ने समर्थन किया, जबकि मानसा में आरोपी के घर आगजनी और दुकान में तोड़फोड़ से तनाव बढ़ा।

परविंदर झोटा हत्याकांड से मानसा में तनाव, आरोपी के घर में आगजनी; बंद को SGPC का समर्थन

 पंजाब के मानसा में नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। घटना के विरोध में पंजाब बंद का ऐलान किया गया है, जिसका शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (SGPC) ने समर्थन किया है। इस बीच गुस्साई भीड़ ने मामले के मुख्य आरोपी अश्वनी कुमार के घर में आग लगा दी और उसकी मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ की। इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया है।

परविंदर झोटा हत्याकांड के बाद क्यों बढ़ा आक्रोश?

मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की हत्या के बाद लोगों में नाराजगी है। इस मामले को लेकर पंजाब बंद का आह्वान किया गया है। SGPC ने भी बंद का समर्थन करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया और परविंदर सिंह झोटा की हत्या के विरोध में उठाई गई आवाज के साथ खड़े होने की बात कही।

हत्याकांड को लेकर बढ़ते विरोध के बीच मानसा में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। प्रदर्शन और आक्रोश के बीच आरोपी के घर तथा दुकान को निशाना बनाए जाने की घटना सामने आई है।

आरोपी के घर में आगजनी, मेडिकल दुकान में तोड़फोड़

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के मुख्य आरोपी बताए जा रहे अश्वनी कुमार के घर में गुस्साई भीड़ ने आग लगा दी। इसके अलावा उसकी मेडिकल दुकान में तोड़फोड़ भी की गई। घटना के बाद इलाके में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल की तैनाती की गई।

इस बीच प्रशासन की ओर से आरोपी की दुकान पर कार्रवाई भी की जा रही है। हालांकि, प्रशासन ने इस कार्रवाई को अवैध निर्माण से संबंधित बताया है।

मानसा के SSP ने कार्रवाई पर क्या कहा?

मानसा के एसएसपी वैभव चौधरी ने बताया कि पुलिस और प्रशासन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासन को अवैध निर्माण के संबंध में जानकारी मिली थी और उसी के तहत कार्रवाई की जा रही है।

इलाके में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है, ताकि किसी अप्रिय घटना को रोका जा सके।

NHRC सदस्य ने कानून-व्यवस्था पर उठाए सवाल

मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के सदस्य प्रियांक कानूनगो ने भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने नशा विरोधी कार्यकर्ता की हत्या को गंभीर घटना बताते हुए पंजाब में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए।

उनका कहना था कि नशे के खिलाफ सामाजिक रूप से काम करने वाले व्यक्ति की हत्या बेहद चिंताजनक है। उन्होंने इस घटना को नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

अब आगे क्या होगा?

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में पंजाब बंद के आह्वान और SGPC के समर्थन के बाद यह मामला राज्य में चर्चा का विषय बन गया है। दूसरी ओर, मानसा में आगजनी और तोड़फोड़ की घटनाओं के बाद प्रशासन के सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चुनौती है।

अब आगे की स्थिति इस बात पर निर्भर करेगी कि विरोध के दौरान हालात कैसे रहते हैं और पुलिस-प्रशासन मामले में क्या कार्रवाई करता है।