Jamia University में छात्रों की बड़ी जीत! 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ, जानें कब होंगे इलेक्शन

Jamia Millia Islamia में छात्र संघ का संविधान बहाल करने को मंजूरी मिल गई है. जानें कब होंगे चुनाव और छात्रों पर लगे प्रतिबंधों पर क्या फैसला हुआ.

Jamia University में छात्रों की बड़ी जीत! 20 साल बाद छात्र संघ चुनाव का रास्ता साफ, जानें कब होंगे इलेक्शन

देश के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार जामिया मिलिया इस्लामिया (JMI) यूनिवर्सिटी में छात्रों का लंबा और संघर्षपूर्ण आंदोलन आखिरकार रंग लाया है. यूनिवर्सिटी प्रशासन ने छात्रों की भारी दबाव और अथक मेहनत के आगे झुकते हुए छात्र संघ (Students Union) के संविधान को आधिकारिक रूप से लागू करने की मंजूरी दे दी है. इस बड़े फैसले के बाद से पूरे परिसर और छात्र संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी इस पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं. 

क्या है पूरा मामला और नया आदेश?

यूनिवर्सिटी प्रशासन द्वारा 29 अक्टूबर को जारी एक आधिकारिक आदेश के मुताबिक, सक्षम प्राधिकारी (Competent Authority) ने छात्रों द्वारा उसी दिन सौंपे गए ज्ञापन पर गंभीरता से विचार किया. इसके बाद जामिया मिलिया इस्लामिया स्टूडेंट्स यूनियन (JMISU) के संविधान को बहाल करने, चुनाव कराने और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ की गई सभी अनुशासनात्मक कार्रवाईयों को तुरंत प्रभाव से वापस लेने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं. यूनिवर्सिटी ने इस पूरी प्रक्रिया को मुकम्मल करने के लिए 15 मई, 2027 की डेडलाइन तय की है. इसके साथ ही, पिछले कई हफ्तों से भूख हड़ताल और धरने पर बैठे छात्रों को अपना आंदोलन तुरंत समाप्त करने का निर्देश दिया गया है. 

दो दशकों से ठप थी छात्र संघ की आवाज

खास बात यह है कि जामिया मिलिया इस्लामिया में पिछले लगभग दो दशकों से छात्र संघ के औपचारिक चुनाव नहीं हुए थे. छात्र लंबे समय से एक चुनी हुई प्रतिनिधि बॉडी को दोबारा बहाल करने की मांग कर रहे थे. इस साल यह मांग तब और तेज हो गई जब 12 अक्टूबर को छात्रों ने एक बड़ा विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया. इस आंदोलन में छात्रों ने भूख हड़ताल जैसे कड़े कदम उठाए. यूनिवर्सिटी प्रशासन के साथ कई दौर की तनातनी और खींचतान के बावजूद छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे और आखिरकार प्रशासन को उनकी जायज मांग माननी पड़ी. 

चुनावों की रूपरेखा और लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइंस

यूनिवर्सिटी के नए आदेश के अनुसार, छात्र संघ के संविधान को मंजूरी मिलने के बाद अब चुनाव की प्रक्रिया सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वीकृत लिंगदोह कमेटी की सिफारिशों और गाइडलाइंस के तहत पूरी की जाएगी. नए एकेडमिक सेशन जो संभवतः 16 जुलाई, 2027 के आसपास शुरू होना है, उसके शुरू होने के छह हफ्ते के भीतर छात्र संघ के चुनाव संपन्न करा लिए जाएंगे. यूनिवर्सिटी ने यह भी साफ कर दिया है कि इस आंदोलन के दौरान छात्रों पर कसे गए शिकंजे को पूरी तरह ढीला किया जाएगा. प्रदर्शन के सिलसिले में जारी सभी कारण बताओ नोटिस (Show-cause notices), अनुशासनात्मक जांच, निष्कासन (Expulsion), निलंबन (Suspension) के आदेश और कैंपस में लगाए गए सभी तरह के प्रतिबंध तुरंत प्रभाव से वापस ले लिए गए हैं.