छत्तीसगढ़ के आसमान में दिखा खून जैसा लाल बादल, क्या चक्रवात 'अर्नब' है इसकी वजह?
छत्तीसगढ़ के गरियाबंद में आसमान पर खून जैसा लाल बादल दिखाई दिया. जानिए लाल बादल बनने की वैज्ञानिक वजह और चक्रवात अर्नब से इसका क्या संबंध है.
एक तरफ जहां चक्रवात 'अर्नब' (Cyclone Arnab) के खौफ और असर से पूरा छत्तीसगढ़ मौसम के मिजाज से जूझ रहा था, वहीं दूसरी तरफ प्रकृति ने एक ऐसा हैरान करने वाला और अद्भुत नजारा दिखाया, जिसने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया. राज्य के गरियाबंद जिले में मंगलवार (27 अक्टूबर) शाम को आसमान में एक ऐसा रहस्यमयी बादल दिखाई दिया, जो किसी आग के गोले या खून की तरह गहरे लाल रंग में चमक रहा था. इस अनोखी खगोलीय और मौसमी घटना ने स्थानीय लोगों को अचरज में डाल दिया और देखते ही देखते इसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं.
देवभोग में दिखा हैरान कर देने वाला नजारा
यह घटना गरियाबंद जिले के देवभोग इलाके की है. मंगलवार को जब पूरे छत्तीसगढ़ में साइक्लोनिक सिस्टम का असर तेजी से फैल रहा था और चारों तरफ बादल छाए हुए थे, तब शाम के वक्त अचानक आसमान का रंग बदला। हल्की ठंडी हवाओं के बीच आसमान में एक ऐसा बादल उभरा जो गहरे लाल रंग से चमक रहा था. स्थानीय समाचार माध्यम 'छत्तीसगढ़ न्यूज़' के मुताबिक, इस अनोखे नजारे को देखकर लोग हैरान रह गए. कई लोगों ने इस पल को अपने कैमरों और स्मार्टफोन्स में कैद कर लिया. गरियाबंद के अलावा दंतेवाड़ा से भी ऐसे ही लाल आसमान और बादलों के दिखने की खबरें सामने आईं. इन खूबसूरत और थोड़े डरावने विजुअल्स को ओमप्रकाश सिरवी (SR) ने अपने कैमरे में कैद किया.
क्या वाकई साइक्लोन की वजह से लाल हुआ था बादल?
लोगों के मन में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या आसमान का यह खून जैसा लाल रंग साइक्लोन 'अर्नब' की वजह से था? मौसम विज्ञान (Atmospheric Science) और अंतरिक्ष विज्ञान की संस्थाएं इसके पीछे एक बिल्कुल अलग और प्राकृतिक वजह बताती हैं. यूएस नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) के अनुसार, बादलों का रंग इस बात पर निर्भर करता है कि उन पर सूरज की रोशनी किस तरह से पड़ रही है. हालांकि सूर्य की रोशनी हमें सफेद दिखती है, लेकिन असल में वह सात अलग-अलग रंगों से मिलकर बनी होती है और हर रंग की अपनी वेवलेंथ होती है.
वहीं जब सूरज क्षितिज (Horizon) के पास होता है, तो उसकी किरणों को हम तक पहुंचने के लिए वायुमंडल (Atmosphere) की ज्यादा मोटाई से गुजरना पड़ता है. इस दौरान नीली और छोटी वेवलेंथ वाली रोशनी रास्ते में ही बिखर जाती है, जबकि नारंगी और लाल जैसी लंबी वेवलेंथ वाली किरणें हम तक पहुंचती हैं. इसे ही 'रेले स्कैटरिंग' कहते हैं.
WMO के इंटरनेशनल क्लाउड एटलस के मुताबिक, जब सूर्य क्षितिज के करीब होता है, तो बादलों की ऊंचाई, वायुमंडल में मौजूद नमी या धुंध और देखने वाले की स्थिति के कारण बादल गहरे लाल या गुलाबी रंग के दिखाई दे सकते हैं. यही वजह है कि एक जगह से जो बादल बहुत डरावना या लाल दिखता है, वह दूसरी जगह से सामान्य लग सकता है.
Unusual red skies have reportedly been witnessed in some parts of Chhattisgarh as strong winds associated with the weather system named Cyclone Arnab sweep across the region. The striking visuals have caught attention on social media, with residents sharing footage of the unusual sky. Wind speeds have reportedly reached 60-80 km/h, with gusts of up to 90 km/h. The conditions have raised concerns about potential damage, fallen trees and disruptions, particularly in areas exposed to strong winds. However, the cause of the red appearance has not been independently confirmed, and the reported cyclone details should be checked against official India Meteorological Department (IMD) bulletins before publication. Residents are advised to follow official weather alerts and local authorities' instructions.
— Omprakash Sirvi (SR) (@imOmprakashhh) October 29, 2026
साइक्लोन और लाल बादल का कनेक्शन?
एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस घटना के समय और साइक्लोन के बीच भले ही एक मेल दिखाई दे रहा हो, लेकिन सीधे तौर पर चक्रवात को इस लाल रंग की वजह बताना जल्दबाजी होगी. चक्रवात 'अर्नब' जब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद छत्तीसगढ़ की तरफ बढ़ा, तो पूरे राज्य में भारी बादल छा गए और नमी बढ़ गई. यूनिवर्सिटी कॉर्पोरेशन फॉर एटमॉस्फेरिक रिसर्च (UCAR) का कहना है कि हवा में मौजूद नमी, धूल के कण और एरोसोल (Aerosols) सूरज की रोशनी के बिखराव को और ज्यादा बढ़ा देते हैं, जिससे सूर्योदय या सूर्यास्त के समय रंग बेहद तीव्र और चमकीले हो जाते हैं. हालांकि, देवभोग की इस खास घटना का कोई आधिकारिक वैज्ञानिक विश्लेषण सामने आने तक इसे चक्रवात का सीधा परिणाम कहना पूरी तरह सही नहीं होगा, यह मौसम के बदलाव और सूरज की रोशनी के मेल का एक बेहतरीन उदाहरण जरूर था.
चक्रवात 'अर्नब' के कारण छत्तीसगढ़ हाई अलर्ट पर
यह अनोखा नजारा ऐसे समय में सामने आया जब पूरा छत्तीसगढ़ साइक्लोन 'अर्नब' के गंभीर प्रभावों से मुकाबला कर रहा था. टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इस चक्रवाती सिस्टम ने आंध्र प्रदेश के तट को 125-135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पार किया था, जो अंदरूनी इलाकों में पहुँचते-पहुंचते थोड़ा कमजोर हुआ, लेकिन इसका असर दूर-दूर तक महसूस किया गया.
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने पहले ही चेतावनी दी थी कि इस सिस्टम के प्रभाव से छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों में लगातार बारिश और तेज हवाएं चलेंगी. खासकर बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, कोंडागांव और सुकमा जैसे जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है. गरियाबंद में भी, जहां लाल बादल देखा गया था, मौसम खराब रहा और बारिश दर्ज की गई.
