180 डिग्री का यू-टर्न आरओबी, छत्तीसगढ़ की इंजीनियरिंग पर खड़े हुए सवाल
परसदा में रेलवे ने बना दिया 180 डिग्री का यू-टर्न आरओबी, दोनों मोड़ पर नहीं दिखेंगे वाहन, हादसे का खतरा। तैयार नक्शे के अनुसार रेलवे ट्रैक पार करते ही वाहनों को सीधा रास्ता मिलने के बजाय लगभग 180 डिग्री के हेयरपिन यू-टर्न से गुजरना पड़ेगा।
ब्लाइंड स्पॉट पर दुर्घटना का डर
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के बिलासपुर मंडल अंतर्गत जयरामनगर-गतौरा स्टेशनों के बीच समपार-361 (परसदा फाटक) पर बन रहा नया रोड ओवरब्रिज (आरओबी) अपनी एप्रोच रोड की डिजाइन को लेकर विवादों में घिर गया है। रेलवे ने भारी-भरकम क्रेन की मदद से गर्डर लॉन्च कर निर्माण कार्य तेज करने का दावा तो किया है, लेकिन ड्रोन तस्वीरों ने इंजीनियरिंग के मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके पहले भोपाल के ब्रिज की डिजाइन को लेकर सवाल खड़े हुए थे।
डिजाइन के अनुसार, रेलवे ट्रैक पार करते ही वाहनों को सीधा रास्ता मिलने के बजाय लगभग 180 डिग्री के हेयरपिन यू-टर्न से गुजरना पड़ेगा। यह संकरा मोड़ एक खतरनाक ‘ब्लाइंड स्पॉट’ बना रहा है, जिससे विपरीत दिशा से आने वाले वाहन चालकों को सड़क का दूसरा छोर दिखाई नहीं देगा। इसके कारण यहां तेज रफ्तार में आमने-सामने की भिड़ंत का खतरा बना रहेगा।
क्या कहते हैं विशेषज्ञ?
सेवानिवृत्त मुख्य अभियंता (सेतु) एस.के. जैन के मुताबिक, किसी भी टू-लेन आरओबी की चौड़ाई कम से कम 12 मीटर होनी चाहिए, जिसमें साढ़े 7 मीटर का कैरिज-वे शामिल हो। ब्रिज से उतरते ही वाहनों को कुछ दूर तक सीधी सड़क मिलनी अनिवार्य है। यदि मोड़ देना मजबूरी भी हो, तो वाहन की गति के अनुरूप निर्धारित न्यूनतम अर्धव्यास (रेडियस) और सुपर-एलिवेशन (ढलान) दिया जाना चाहिए।
