कांग्रेस की दिल्ली रैली से पहले राजस्थान में बीजेपी का काउंटर प्लान, 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का आगाज

राजस्थान में बीजेपी ने 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान शुरू किया. 5 नवंबर को जयपुर में 10 हजार से अधिक लोगों के साथ पैदल मार्च का लक्ष्य है.

कांग्रेस की दिल्ली रैली से पहले राजस्थान में बीजेपी का काउंटर प्लान, 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का आगाज
Image From Instagram: @bjpbhajanlal

देश की राजधानी दिल्ली में कांग्रेस पार्टी की आगामी 1 नवंबर को होने वाली बड़ी रैली से ठीक पहले, भारतीय जनता पार्टी ने राजस्थान के सियासी मैदान पर बेहद आक्रामक और रणनीतिक पलटवार की पूरी तैयारी कर ली है. मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), चुनावी शुचिता और घुसपैठ जैसे गंभीर मुद्दों पर कांग्रेस के हमलों का जवाब देने के लिए बीजेपी ने प्रदेशभर में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' नाम से एक जन-अभियान का शंखनाद कर दिया है.राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व द्वारा दिल्ली में उठाए जा रहे सवालों की काट खोजने के लिए बीजेपी ने राजस्थान की धरती से मजबूत सियासी संदेश देने का ताना-बाना बुन लिया है. 

कोटा से हुई अभियान की धमाकेदार शुरुआत

इस बड़े प्रदेशव्यापी अभियान का भव्य आगाज कोटा शहर से हो चुका है. पार्टी के शीर्ष नेतृत्व ने इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है. पहले दिन आयोजित शानदार पैदल मार्च का नेतृत्व खुद सूबे के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने संयुक्त रूप से किया. इस दौरान उनके साथ स्थानीय जनप्रतिनिधि, पार्टी पदाधिकारी और हजारों की संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिससे विपक्ष को साफ संदेश दे दिया गया है कि बीजेपी हर राजनीतिक मोर्चे पर कड़ा मुकाबला करने के लिए पूरी तरह तैयार है. 

केंद्रीय दिग्गजों को मैदान में उतारकर सियासी धार देने की रणनीति

बीजेपी ने इस अभियान को केवल प्रांतीय स्तर तक सीमित न रखते हुए इसे राष्ट्रीय महत्व का रूप दिया है. पार्टी हाईकमान ने केंद्र सरकार के कई वरिष्ठ मंत्रियों को राजस्थान के अलग-अलग जिलों की कमान सौंपी है, ताकि जनता के बीच जाकर चुनावी प्रक्रिया, एसआईआर (SIR) और मतदाता सूचियों की पारदर्शिता पर पार्टी का पक्ष मजबूती से रखा जा सके:

  • केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ऐतिहासिक शहर अलवर में आयोजित कार्यक्रमों और जनसंपर्क की कमान संभाल रहे हैं

  • केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव 31 अक्टूबर को खैरथल-तिजारा जिले के तिजारा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में शिरकत कर चुके हैं

  • केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव आगामी 5 नवंबर को राजधानी जयपुर में होने वाले विशाल कार्यक्रम और मार्च में मुख्य रूप से शामिल होंगे

  • केंद्रीय मंत्री कृष्णपाल गुर्जर मेवाड़ के प्रमुख केंद्र उदयपुर में पार्टी के पैदल मार्च का नेतृत्व कर रहे हैं

दिग्गज केंद्रीय मंत्रियों की इस ताबड़तोड़ मौजूदगी से बीजेपी इस पूरे अभियान को एक राष्ट्रीय और वैचारिक धार देने में जुटी है, ताकि यह संदेश साफ जाए कि पार्टी पूरी गंभीरता के साथ जनता के बीच अपने काम और नीतियों का हिसाब दे रही है. 

दो चरणों में बंटा है पूरा प्लान, पहले चरण में 15 जिलों पर विशेष फोकस

बीजेपी के प्रदेश संगठन द्वारा तैयार किए गए एक्शन प्लान के मुताबिक, इस जन-अभियान को दो चरणों में विभाजित किया गया है. 

  • पहला चरण (30 अक्टूबर से 5 नवंबर): इस शुरुआती चरण में राजस्थान के 15 प्रमुख जिलों को विशेष रूप से फोकस किया गया है। इन जिलों में लगातार जनसभाएं, नुक्कड़ बैठकें और कार्यकर्ता सम्मेलनों का दौर चल रहा है. 

  • दूसरा चरण (दीपावली के बाद): दीपावली के पावन पर्व के ठीक बाद शुरू होने वाले दूसरे चरण में शेष बचे सभी जिलों और ग्रामीण अंचलों तक इस अभियान का विस्तार किया जाएगा.

बीजेपी प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी के अनुसार, इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य आम जनमानस को जागरूक करना है. पार्टी जनता के बीच जाकर यह समझा रही है कि मतदाता सूचियों का एसआईआर (SIR) जैसी प्रक्रियाएं देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए कितनी जरूरी हैं. साथ ही, घुसपैठ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी पार्टी खुलकर जनता के सामने अपना पक्ष रख रही है. 

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राजधानी जयपुर में 10,000 से अधिक लोगों को जुटाने का बड़ा लक्ष्य

अभियान के संयोजक रामलाल शर्मा ने मीडिया को  बताया कि आगामी 5 नवंबर को गुलाबी नगरी जयपुर में एक ऐतिहासिक और विशाल पैदल मार्च निकाला जाएगा. पार्टी ने इस आयोजन में 10 हजार से अधिक नागरिकों और कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य तय किया है. 5 नवंबर को सबसे पहले जयपुर के प्रसिद्ध रामलीला मैदान में एक बड़ी जनसभा का आयोजन किया जाएगा. जनसभा के समापन के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के नेतृत्व में हजारों कार्यकर्ताओं का यह काफिला पारंपरिक मार्गों से होते हुए ऐतिहासिक त्रिपोलिया गेट की तरफ कूच करेगा. इस आयोजन को सफल बनाने के लिए जिला स्तर पर बीजेपी पदाधिकारियों, मोर्चा संगठनों और पार्षदों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंप दी गई हैं ताकि भीड़ प्रबंधन और व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कोई कमी न रहे.