'अखिलेश बाबू सपने देखना छोड़ दो'....लखनऊ में गरजे अमित शाह, कहा- अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौटेंगी सपा-कांग्रेस

लखनऊ में भाजपा उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए अमित शाह ने सपा और कांग्रेस पर परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जातिवाद को लेकर निशाना साधा.

'अखिलेश बाबू सपने देखना छोड़ दो'....लखनऊ में गरजे अमित शाह, कहा- अगले 30 साल तक सत्ता में नहीं लौटेंगी सपा-कांग्रेस

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने शुक्रवार को राजधानी लखनऊ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की उत्तर प्रदेश प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को संबोधित करते हुए विपक्षी दलों पर कड़ा प्रहार किया. उन्होंने समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर निशाना साधते हुए दावा किया कि आने वाले 30 वर्षों तक इन दलों का उत्तर प्रदेश और देश की सत्ता में वापस लौटना नामुमकिन है. शाह ने इस दौरान भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाया और कार्यकर्ताओं को आगामी राजनीतिक रणनीतियों के लिए पूरी तरह से तैयार रहने का मंत्र दिया. 

अखिलेश यादव पर तंज

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए गृह मंत्री ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश में फिर से सरकार बनाने का सपना देखना छोड़ दें. उन्होंने सपा संस्थापक और दिवंगत नेता मुलायम सिंह यादव को याद करते हुए कहा कि अखिलेश बाबू की सरकार तब बनी थी, जब उनके पीछे उनके पिता का मजबूत राजनीतिक अनुभव और साया था. 

अमित शाह ने तंज कसते हुए कहा कि जब से पार्टी की कमान अखिलेश यादव के हाथों में आई है, तब से सपा एक भी चुनाव नहीं जीत सकी है. इसी तरह, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी हमला बोलते हुए कहा कि राहुल के नेतृत्व में आने के बाद से कांग्रेस पार्टी ने भी कोई चुनाव नहीं जीता है और अगले तीन दशकों तक इन दोनों पार्टियों के चुनाव जीतने की कोई संभावना नहीं है. 

गरीब कल्याण के मुद्दे पर बोलते हुए शाह ने कहा, 'अखिलेश बाबू, आप हमेशा गरीबों की बात करते हैं, लेकिन जब आप सत्ता में थे तो आपने गरीबों के लिए कुछ नहीं किया, बल्कि केवल अपनी और अपने करीबियों की गरीबी दूर की. इसके विपरीत, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने देश के करीब 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालकर उनके जीवन में नया उजाला किया है.' 

मोदी सरकार के ऐतिहासिक फैसलों का जिक्र

अमित शाह ने अपने संबोधन में केंद्र सरकार के बड़े और ऐतिहासिक फैसलों का विशेष रूप से जिक्र किया, उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश ने वे मुकाम हासिल किए हैं, जिनकी कल्पना पहले असंभव मानी जाती थी. शाह ने आरोप लगाया कि पूर्व की सरकारों की तुष्टीकरण की राजनीति के कारण करीब 500 वर्षों तक उत्तर प्रदेश में भगवान रामलला का भव्य मंदिर नहीं बन सका. लेकिन मोदी सरकार के कार्यकाल में न केवल कानूनी अड़चनें दूर हुईं, बल्कि मंदिर निर्माण का मार्ग भी प्रशस्त हुआ. 5 अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने को ऐतिहासिक बताते हुए उन्होंने कहा कि उस समय विरोधी दलों ने घाटी में खून की नदियां बहने की आशंका जताई थी, लेकिन मोदी सरकार की मजबूत इच्छाशक्ति के कारण वहां एक कंकड़ तक नहीं चला और शांति बनी रही. महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए केंद्र सरकार द्वारा तीन तलाक जैसी कुप्रथा को समाप्त किए जाने को भी उन्होंने एक बड़ा और साहसिक कदम करार दिया. 

कानून-व्यवस्था की तारीफ और माफिया राज का अंत

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की जमकर सराहना करते हुए गृह मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री ने कड़े और सख्त फैसलों के जरिए प्रदेश को माफियाराज से पूरी तरह मुक्त कर दिया है. आज यूपी की कानून-व्यवस्था पूरे देश के लिए एक मिसाल बन चुकी है. साल 2017 के विधानसभा चुनावों को याद करते हुए उन्होंने कहा कि उस समय नोटबंदी का विरोध करने वालों के बावजूद जनता ने भाजपा पर पूरा भरोसा जताया और पार्टी ने 40 प्रतिशत से अधिक वोट हासिल कर प्रचंड बहुमत से सरकार बनाई. उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को उनके पुराने संघर्ष और सफलता की याद दिलाते हुए कहा कि कार्यकर्ताओं की मेहनत के दम पर ही भाजपा ने पूर्व में लोकसभा चुनाव में 73 और विधानसभा चुनाव में 312 सीटें हासिल की थी. 

राजनीति की तीन बड़ी बुराइयों पर प्रहार

परिवारवाद, भ्रष्टाचार और जातिवाद को भारतीय राजनीति की तीन सबसे बड़ी बीमारियां बताते हुए अमित शाह ने कहा कि साल 2014 से लेकर 2026 तक के इस सफर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इन बुराइयों को जड़ से उखाड़ फेंकने का ऐतिहासिक काम किया है. अपने संबोधन के अंत में शाह ने पूरे आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि राहुल गांधी और अखिलेश यादव का मौजूदा राजनीतिक रवैया और नीतियां ऐसी ही रहीं, तो कांग्रेस अगले 30 साल तक सत्ता से कोसों दूर रहेगी.