Diwali 2026: 128 साल बाद बन रहा पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग, 1 और 2 नवंबर को खरीदारी के लिए रहेंगे ये शुभ मुहूर्त

Diwali 2026: 1 और 2 नवंबर को 128 साल बाद पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है. जानें रवि पुष्य योग, शुभ योग और खरीदारी के लिए क्या है खास.

Diwali 2026: 128 साल बाद बन रहा पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग, 1 और 2 नवंबर को खरीदारी के लिए रहेंगे ये शुभ मुहूर्त
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इस साल दीपावली का त्योहार देशवासियों के लिए बेहद खास और ऐतिहासिक सौगात लेकर आ रहा है. ज्योतिषीय गणना और पंचांग के अनुसार, इस बार दीपोत्सव से ठीक पहले खरीदारी और निवेश के लिहाज से एक ऐसा अद्भुत और दुर्लभ महासंयोग बनने जा रहा है, जो करीब 128 साल के लंबे अंतराल के बाद बन रहा है. इस बार 1 और 2 नवंबर 2026 को लगातार दो दिनों तक 'पुष्य नक्षत्र' का महासंयोग रहेगा.

सबसे खास बात यह है कि इन दोनों ही दिनों में एक साथ आठ-आठ अत्यंत शुभ योगों का अद्भुत मेल बन रहा है, जिसे ज्योतिष जगत में बेहद चमत्कारिक और फलदायी माना जा रहा है. धर्म और ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक, धनतेरस से पहले बन रहे इस सुनहरे अवसर पर सोना-चांदी खरीदने, नया कारोबार शुरू करने, मकान-जमीन खरीदने या किसी भी नए निवेश की शुरुआत करने से घर में सालभर मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है. 

नक्षत्रों का राजा 'पुष्य नक्षत्र': क्यों है इतना खास?

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में आकाश मंडल के कुल 27 नक्षत्रों में 'पुष्य नक्षत्र' को सर्वोपरि यानी नक्षत्रों का राजा का दर्जा दिया गया है. मान्यता है कि इस नक्षत्र में की गई खरीदारी या नया काम लंबे समय तक अटूट सुख-समृद्धि, स्थायित्व और सफलता प्रदान करता है। यही वजह है कि जब भी पुष्य नक्षत्र आता है, बाजारों में रौनक अपने चरम पर होती है. इस बार रविवार के दिन 'रवि पुष्य योग' और सोमवार को पुष्य नक्षत्र के साथ अन्य कई शक्तिशाली राजयोगों का मिलन सोने पर सुहागा साबित हो रहा है. आइए विस्तार से जानते हैं कि इन दोनों तारीखों का ज्योतिषीय महत्व क्या है और किन चीजों की खरीदारी करना आपके लिए सबसे ज्यादा भाग्यशाली रहेगा. 

1 नवंबर 2026: रवि पुष्य योग और महासंयोग का अद्भुत दिन

नवंबर की पहली तारीख यानी रविवार, 1 नवंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 16 मिनट से पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ होगा, जो अगले दिन यानी 2 नवंबर की सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक अपनी पूर्ण ऊर्जा के साथ विद्यमान रहेगा. रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र का होना अपने आप में बेहद शक्तिशाली 'रवि पुष्य योग' का निर्माण करता है. 

  • इस विशेष दिन रवि पुष्य योग के साथ-साथ शंख योग, लक्ष्मी योग, शश योग, हर्ष योग, सरल योग, साध्य योग, मित्र योग और अत्यंत शुभ गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है. इसके साथ ही, आकाश में मंगल और चंद्रमा की युति इस दिन के ज्योतिषीय प्रभाव और आध्यात्मिक महत्व को कई गुना बढ़ा देगी. 
  • यह दिन सोने-चांदी के आभूषण, नए वाहन, भूमि, फ्लैट और कमर्शियल प्रॉपर्टी खरीदने के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है. जो युवा या उद्यमी नया व्यापार शुरू करने की सोच रहे हैं या किसी नए प्रोजेक्ट की नींव रखना चाहते हैं, उनके लिए यह दिन ऐतिहासिक रूप से बेहद सफल साबित हो सकता है. 

2 नवंबर 2026: सोमवार को भी रहेगा पुष्य नक्षत्र का वरदान

कार्तिक मास के इस विशेष क्रम में सोमवार, 2 नवंबर को भी सुबह 8 बजकर 50 मिनट तक पुष्य नक्षत्र का प्रभाव बना रहेगा. सप्ताह का पहला दिन होने और चंद्रमा के प्रभाव के कारण इस दिन का महत्व और भी ज्यादा बढ़ जाता है. 

  • सोमवार को पुष्य नक्षत्र के साथ सर्वार्थसिद्धि योग, शुभ योग, श्रीवत्स योग, अमला योग, वाशि योग और सरल योग जैसे मंगलकारी संयोग बनेंगे. इसके अलावा, अमृतसिद्धि और सर्वार्थसिद्धि योग मिलकर इस दिन को हर प्रकार के कार्यों के लिए एकदम अचूक बना देंगे. 

  • ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन योगों में किए गए कार्यों के शत-प्रतिशत सकारात्मक परिणाम मिलते हैं। व्यापारी वर्ग के लिए यह दिन नए बही-खाते (अकाउंट बुक्स) शुरू करने, अपने पुराने बिजनेस को विस्तार देने और भविष्य की बड़ी आर्थिक योजनाएं बनाने के लिए सबसे मुफीद समय है. 

पुष्य नक्षत्र में किन चीजों की खरीदारी मानी जाती है सबसे शुभ?

पुष्य नक्षत्र केवल सोने-चांदी के गहने खरीदने तक सीमित नहीं है, बल्कि इस पावन बेला में अपनी जरूरत और आर्थिक स्थिति के अनुसार कई अन्य शुभ चीजें खरीदना भी अत्यंत कल्याणकारी माना गया है:

  1. सोना और चांदी: इस नक्षत्र में सोने या चांदी के सिक्के, आभूषण या बर्तन खरीदना घर में बरकत और धन की आवक को स्थिर करता है 

  2. जमीन, मकान और फ्लैट: अगर आप लंबे समय से प्रॉपर्टी में निवेश करने की सोच रहे हैं, तो इन दो दिनों में किसी भी नई भूमि की बुकिंग या रजिस्ट्री करवाना बहुत शुभ रहेगा 

  3. वाहन (कार, बाइक): नई गाड़ी, स्कूटर या कोई अन्य नया वाहन घर लाने के लिए यह मुहत बेहद मंगलकारी माना गया है 

  4. व्यापारिक सामान और मशीनरी: दुकान, ऑफिस या फैक्ट्री के लिए नई मशीनरी, फर्नीचर या व्यापार से जुड़ा कोई भी नया सामान खरीदना कारोबार में तरक्की लाता है 

  5. नए बही-खाते: व्यापारी वर्ग इस अवसर पर दीवाली पूजन के लिए अपने नए वित्तीय रजिस्टर या बही-खाते खरीद सकते हैं 

  6. शुभ पूजन सामग्री: घर में सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए चांदी, तांबे या स्फटिक (Crystal) से बनी देवी-देवताओं की मूर्तियां और पूजन सामग्री खरीदना भी बेहद फलदायी होता है 

इस बार धनतेरस से पहले आ रहे इस 128 साल पुराने महासंयोग का पूरा लाभ उठाएं और अपने घर-परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन सुनिश्चित करें.

(डिस्क्लेमर): इस लेख में दी गई जानकारी ज्योतिषीय मान्यताओं, पंचांग और सामान्य जानकारियों पर आधारित है. इसका उद्देश्य केवल सूचना देना है। किसी भी तरह के निवेश, खरीदारी या धार्मिक अनुष्ठान से पहले अपने विवेक का इस्तेमाल करें या संबंधित विशेषज्ञों की सलाह अवश्य लें.