रेलवे पास धारक अब राजधानी, शताब्दी और अन्य प्रीमियम ट्रेनों में कर सकेंगे यात्रा, रेल बोर्ड ने दिया बड़ा अपडेट
रेलवे बोर्ड ने पास धारकों को राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में बड़ी राहत दी है। अब विशेषाधिकार, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाले मानार्थ और विधवा पास धारक किराये का अंतर देकर अपनी पात्रता से ऊंची श्रेणी में सफर कर सकेंगे।
रेलवे पास धारकों के लिए खुशखबरी
रेलवे ने अपने कर्मचारियों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके परिवारों से जुड़े पास धारकों को बड़ी राहत दी है। अब वे राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में अपने पास पर मिलने वाली श्रेणी से ऊपर की श्रेणी में भी यात्रा कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें केवल दोनों श्रेणियों के किराये का अंतर चुकाना होगा। रेलवे बोर्ड ने इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करते हुए नई व्यवस्था की जानकारी दी है। इससे उन यात्रियों को फायदा होगा, जो पहले पास के आधार पर उच्च श्रेणी में सफर करने को लेकर असमंजस में रहते थे।
रेलवे बोर्ड ने क्या नया फैसला लिया?
रेलवे बोर्ड ने यह साफ किया है कि पास धारक राजधानी, दुरंतो और शताब्दी जैसी प्रीमियम ट्रेनों में अपने हक से ऊंचे क्लास में यात्रा कर सकते हैं. रेलवे सर्वेंट्स (पास) रूल्स, 1986 में इस बात को लेकर स्पष्टता नहीं थी कि रेलवे कर्मचारी और पेंशनर अपने कॉम्प्लिमेंट्री पास का इस्तेमाल करके प्रीमियम ट्रेनों में ऊंचे क्लास में सफर कर सकते हैं या नहीं. इसी वजह से रेलवे बोर्ड इस मामले पर विचार कर रहा था।
किन रेलवे पास धारकों पर लागू होगा यह नियम?
- यह फैसला तीन तरह के पास धारकों के लिए है। इनमें विशेषाधिकार पास, सेवानिवृत्ति के बाद मिलने वाला मानार्थ पास और विधवा पास शामिल हैं।
- विशेषाधिकार पास (पीपी): रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला यह पास उन्हें निर्धारित नियमों के तहत मुफ्त यात्रा की सुविधा देता है।
- सेवानिवृत्ति के बाद मानार्थ पास (पीआरसीपी): सेवानिवृत्त रेलवे कर्मचारियों को मिलने वाला यह पास उन्हें यात्रा की सुविधा देता है।
- विधवा पास (डब्ल्यूपी): रेलवे कर्मचारियों की विधवाओं को नियमों के तहत यह पास दिया जाता है।
टिकट बुकिंग सिस्टम में भी होगा बदलाव
रेलवे बोर्ड ने सेंटर फॉर रेलवे इन्फॉर्मेशन सिस्टम्स (CRIS) को पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) और ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम के ई-पास मॉड्यूल में जरूरी बदलाव करने को भी कहा है। इसका मकसद नई सुविधा को टिकट बुकिंग प्रक्रिया में लागू करना है। अब पास धारकों को निर्धारित नियमों के अनुसार किराए का अंतर देकर प्रीमियम ट्रेनों में ऊंची श्रेणी में यात्रा करने की सुविधा मिल सकेगी।
