Rajasthan: कहीं जश्न, कहीं इंतजार… राजस्थान के 3626 गांवों में किसकी बनी सरकार? शेखावत की सास की जीत भी चर्चा में

राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में मतदान के बाद देर रात तक नतीजे घोषित होते रहे। नागौर में गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने 737 वोटों से जीत दर्ज की।

Rajasthan: कहीं जश्न, कहीं इंतजार… राजस्थान के 3626 गांवों में किसकी बनी सरकार? शेखावत की सास की जीत भी चर्चा में

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के नतीजों के साथ कहीं जीत की खुशी देखने को मिली, तो कहीं हार से मायूसी छा गई। प्रदेश के 22 जिलों की 3,626 ग्राम पंचायतों में शुक्रवार को पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान हुआ। वोटिंग खत्म होते ही मतगणना शुरू हो गई, जो देर रात तक चलती रही। जैसे-जैसे नतीजे सामने आए, गांवों में किसी के घर जश्न मना तो किसी को हार का सामना करना पड़ा। इसी बीच नागौर जिले की दधवाड़ा ग्राम पंचायत का चुनाव भी चर्चा में आ गया। यहां केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास सुरज्ञान कंवर ने सरपंच पद का चुनाव 737 वोटों के अंतर से जीत लिया। उनकी जीत के साथ ही इस पंचायत का नतीजा भी चुनावी चर्चा का हिस्सा बन गया।

पंचायत चुनाव में सुरज्ञान कंवर का दबदबा

नागौर जिले की दधवाड़ा ग्राम पंचायत में सरपंच पद के चुनाव का नतीजा सामने आते ही सुरज्ञान कंवर का नाम चर्चा में आ गया। मेड़ता रोड-गोटन पंचायत समिति के अंतर्गत आने वाली इस पंचायत में उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी को 737 वोटों से हराकर जीत दर्ज की। खास बात यह है कि सुरज्ञान कंवर केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत की सास हैं। उनकी जीत के साथ दधवाड़ा का चुनाव परिणाम भी प्रदेश के चर्चित नतीजों में शामिल हो गया।

3,626 ग्राम पंचायतों में चुनावी मुकाबला, सरपंच पद के लिए मैदान में थे 21,839 उम्मीदवार

राजस्थान में पंचायत चुनाव के दूसरे चरण के दौरान 22 जिलों की 124 पंचायत समितियों की 3,626 ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के लिए वोट डाले गए। सरपंच की कुर्सी पाने के लिए कुल 21,839 उम्मीदवारों ने अपनी किस्मत आजमाई। हालांकि, 45 ग्राम पंचायतों में चुनाव से पहले ही सरपंच निर्विरोध चुन लिए गए थे। ऐसे में बाकी पंचायतों में उम्मीदवारों के बीच जीत के लिए मुकाबला देखने को मिला।

 देर रात तक थमी रहीं निगाहें, कहीं जीत की खुशी तो कहीं हार की मायूसी

राजस्थान पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में शुक्रवार सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक मतदान हुआ। वोटिंग खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना शुरू कर दी गई। जैसे-जैसे रात आगे बढ़ी, वैसे-वैसे अलग-अलग पंचायतों से नतीजे सामने आने लगे। इस दौरान उम्मीदवारों और उनके समर्थकों की धड़कनें नतीजों को लेकर बढ़ी रहीं। कहीं जीत की खबर मिलते ही समर्थकों ने जश्न मनाया, तो कहीं हार के बाद उम्मीदवारों को निराशा हाथ लगी। देर रात तक गांवों में चुनावी नतीजों की चर्चा होती रही।