कौन हैं Omar Abdullah की दूसरी पत्नी निधि राजदान? शेयर की शादी की खूबूसरत तस्वीरें
उमर अब्दुल्ला ने पत्रकार निधि राजदान के साथ तस्वीरें शेयर कर नए सफर का ऐलान किया. जानिए कौन हैं निधि राजदान और पायल अब्दुल्ला से तलाक की पूरी कहानी.
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला (Omar Abdullah) ने अपनी जिंदगी के एक नए अध्याय की शुरुआत कर दी है. शनिवार को सोशल मीडिया पर उन्होंने जाने-माने पत्रकार निधि राजदान के साथ अपनी तस्वीरें शेयर कर सभी को चौंका दिया. इन तस्वीरों में दोनों शादी के पारंपरिक परिधानों में बेहद खुश नजर आ रहे हैं. इस घोषणा के बाद से ही सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है और यह खबर तेजी से सुर्खियां बटोर रही है.
सोशल मीडिया पर यूं किया अपने नए सफर का ऐलान
उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर पत्रकार निधि राजदान को टैग करते हुए एक खूबसूरत पोस्ट शेयर किया. उन्होंने लिखा, 'कल एक नया सफ़र शुरू हुआ,” और इसके साथ ही एक रिंग का इमोजी भी जोड़ा. वहीं दूसरी ओर, निधि राजदान ने भी अपने सोशल मीडिया अकाउंट से यही तस्वीरें शेयर करते हुए अनोखे अंदाज में कैप्शन लिखा, 'हो गया ब्रो,' और साथ में उन्होंने भी रिंग का इमोजी शेयर किया. बता दें कि पिछले कुछ समय से निधि राजदान को कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में उमर अब्दुल्ला के साथ देखा गया था, जिसके बाद से दोनों के रिश्ते को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं चल रही थीं.
कौन हैं निधि राजदान? (Nidhi Razdan)
निधि राजदान देश की जानी-मानी और जानी-मानी पत्रकार और टेलीविजन एंकर हैं. वह लंबे समय तक प्रमुख अंग्रेजी न्यूज चैनल 'एनडीटीवी' (NDTV) से जुड़ी रहीं और वहां प्राइम टाइम शो होस्ट करती थीं. अपनी बेबाक और तीखी पत्रकारिता के लिए पहचानी जाने वाली निधि राजदान ने अपने करियर में कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बेहतरीन रिपोर्टिंग की है. मीडिया जगत में उनका एक बड़ा नाम है और वह अपनी बौद्धिक पत्रकारिता के लिए खासी लोकप्रिय हैं.
A new journey began yesterday ????@Nidhi https://t.co/BXbdLq2d1H
— Omar Abdullah (@OmarAbdullah) October 31, 2026
उमर अब्दुल्ला का पिछली शादी
उमर अब्दुल्ला की यह दूसरी शादी है. उनकी पहली शादी साल 1994 में पायल नाथ के साथ हुई थी. इस पहली शादी से उनके दो बेटे- जाहिर और जमीर हैं. हालांकि, साल 2009 से दोनों आपसी सहमति से अलग रहने लगे थे. इसके बाद से उमर अब्दुल्ला ज्यादातर समय जम्मू-कश्मीर में ही रहे, जबकि उनकी पत्नी पायल और दोनों बेटे दिल्ली में ही रहे. इस अलगाव के बाद दोनों के बीच कानूनी लड़ाई का एक लंबा दौर चला. कई सालों तक चले इस कानूनी संघर्ष के बाद, आखिरकार इसी साल (2026) जुलाई के महीने में देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट ने आपसी सहमति से उनका तलाक मंजूर कर लिया.
तलाक और अदालत की कानूनी प्रक्रिया
यह पूरा कानूनी समझौता तब जाकर मु मुमकिन हुआ जब जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री ने दिल्ली उच्च न्यायालय के 12 दिसंबर, 2023 के उस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें उनकी अर्जी खारिज कर दी गई थी. दिल्ली उच्च कोर्ट ने अपने फैसले में उमर अब्दुल्ला के उस दावे पर सवाल उठाया था, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी अलग रह रही पत्नी पायल ने उन्हें छोड़ दिया है और उनके साथ रहना बंद करना मानसिक क्रूरता के बराबर है. इससे पहले, अगस्त 2016 में दिल्ली की एक ट्रायल कोर्ट ने भी पत्नी के खिलाफ क्रूरता का कोई पुख्ता आधार न पाते हुए उन्हें तलाक देने से इनकार कर दिया था. उच्च न्यायालय ने भी ट्रायल कोर्ट के फैसले को बरकरार रखते हुए क्रूरता के आरोपों को “अस्पष्ट” करार दिया था. अदालत में सुनवाई के दौरान पत्नी पायल नाथ की दलीलों को भी सही ठहराया गया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट किया था कि सुरक्षा से जुड़ी चिंताओं और बच्चों की बेहतर पढ़ाई (जो दिल्ली के स्कूलों में पढ़ रहे थे) के चलते वह कश्मीर में आकर नहीं बस सकीं.
