राजस्थान में महिला टीचर बनीं पुरुष शिक्षक, अब स्कूल में 'मैडम' नहीं 'सर' कहकर बुलाएंगे बच्चे

राजस्थान के कोटा में सरकारी स्कूल की शिक्षिका रहीं रुद्र जाट का नाम और जेंडर सेवा रिकॉर्ड में बदलने की मंजूरी मिली. अब बच्चे उन्हें सर कहकर बुलाएंगे.

राजस्थान में महिला टीचर बनीं पुरुष शिक्षक, अब स्कूल में 'मैडम' नहीं 'सर' कहकर बुलाएंगे बच्चे
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राजस्थान के शिक्षा विभाग में एक बेहद दिलचस्प मामला सामने आया है. कोटा जिले के एक सरकारी स्कूल में तैनात महिला फिजिकल एजुकेशन की टीचर 
ने कानूनी और मेडिकल प्रोसेस  के जरिए अपना लिंग परिवर्तन (Gender Reassignment) करवा लिया है. इस बदलाव के बाद अब उनके सेवा रिकॉर्ड (Service Record) में नाम और लिंग बदलने की आधिकारिक स्वीकृति भी मिल गई है. इस कानूनी प्रक्रिया के पूरी होने के बाद अब स्कूल के बच्चे उन्हें 'मैडम' के बजाय 'सर' कहकर संबोधित करेंगे. 

बचपन से था खेलों का शौक, लड़कों की तरह रहना था पसंद

कोटा के नांता इलाके स्थित गवर्नमेंट गर्ल्स अपर प्राइमरी स्कूल में बतौर फिजिकल टीचर अपनी सेवाएं दे रहे रुद्र जाट (पूर्व नाम - मंदोदरी चौधरी) का जन्म 25 फरवरी 1997 को हुआ था. रुद्र को बचपन से ही खेलकूद में गहरी रुचि थी. इसी जुनून के चलते उन्होंने फिजिकल एजुकेशन की पढ़ाई पूरी की और साल 2019 में सरकारी सेवा में चयनित हुईं. उनके करीबियों और जानने वालों के अनुसार, रुद्र का स्वभाव और रहन-सहन शुरू से ही लड़कों की तरह था. वह हमेशा लड़कों की तरह रहना पसंद करती थीं और कई बार लोग उन्हें पहली नजर में लड़का ही समझ बैठते थे. हालांकि, किसी ने यह कल्पना नहीं की थी कि वह विधिवत रूप से अपना लिंग परिवर्तन करवाकर पुरुष के रूप में अपनी नई पहचान बनाएंगी. 

शिक्षा निदेशालय बीकानेर ने जारी किया आधिकारिक आदेश

लिंग परिवर्तन की पूरी प्रक्रिया और आवेदन के बाद, शिक्षा निदेशालय बीकानेर और राजस्थान सरकार ने नियमों के तहत इसे हरी झंडी दे दी है. माध्यमिक शिक्षा निदेशक ललित कुमार ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि मंदोदरी चौधरी के आवेदन पर गंभीरता से विचार करने के बाद विधिवत आदेश जारी किए गए हैं. शासन के नियमों के तहत, वरिष्ठ शासन उप सचिव, शिक्षा विभाग, राजस्थान सरकार ने ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) अधिनियम, 2019 और 2020 के प्रावधानों के अंतर्गत सभी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद सेवा अभिलेखों में उनका लिंग 'महिला से पुरुष' और नाम 'मंदोदरी चौधरी' से बदलकर 'रुद्र जाट' करने की अनुमति प्रदान की है. यह पूरी अनुमति राजस्थान सेवा नियम 1951 (Rajasthan Service Rules) के नियम 8ए के अंतर्गत राजकीय निर्णय संख्या 5 में निहित प्रावधानों के अनुसार दी गई है. 

कोटा शिक्षा विभाग का पहला अनोखा मामला

कोटा शिक्षा विभाग के सीबीईओ (CBEO) अधिकारी नवीन अरोड़ा ने बताया कि शिक्षा विभाग के इतिहास में कोटा जिले में इस तरह का यह अपने आप में पहला मामला है, जहां किसी सरकारीकर्मी ने अपनी पहचान और अस्मिता को खुलकर स्वीकार करते हुए इस प्रकार का साहसिक कदम उठाया है. 

अब स्कूल में कहेंगे 'सर'

सरकारी दस्तावेजों, सेवा रिकॉर्ड और पहचान पत्रों में नाम और लिंग परिवर्तन की स्वीकृति मिलने के बाद अब रुद्र जाट अपने कार्यस्थल पर पूरी तरह से एक नई पहचान के साथ लौट आए हैं. स्कूल के विद्यार्थियों और सहकर्मियों के लिए भी यह एक नया अनुभव है, जहां वे अब उन्हें 'मैडम' की जगह 'सर' कहकर पुकारेंगे. रुद्र की यह कहानी इस बात का उदाहरण है कि अगर कोई व्यक्ति अपनी पहचान के प्रति स्पष्ट और दृढ़ है, तो कानून और समाज दोनों ही उसकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अधिकारों का सम्मान करते हैं.