राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की उठाई मांग, अमित शाह ने 1984 दंगों का जिक्र कर किया पलटवार
दिल्ली की इंडिया ब्लॉक रैली में राहुल गांधी ने CEC ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई की मांग की. अमित शाह ने 1984 सिख विरोधी दंगों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा.
नई दिल्ली के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में रविवार को आयोजित 'इंडिया ब्लॉक' (INDIA Bloc) की मेगा रैली में राजनीति का पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया. लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और केंद्र सरकार पर सीधा और तीखा हमला बोला. उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि देश के लोकतांत्रिक संस्थानों को पटरी पर लाने और व्यवस्था को सुधारने की दिशा में ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाना पहला और अनिवार्य कदम होगा. यह पूरी रैली चुनाव आयोग द्वारा वोटर लिस्ट के स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) में कथित गड़बड़ियों और बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने के गंभीर विरोध में बुलाई गई थी. सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (BJP) और चुनाव आयोग ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है.
'कानूनी कार्रवाई होगी, कोई नहीं बच पाएगा'
रामलीला मैदान में उमड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर 'वोट चोरी' के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि पिछले कई सालों से चुनावी प्रक्रिया में लगातार गड़बड़ी की जा रही है और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) तथा वोटर लिस्ट में कथित हेरफेर के जरिए बीजेपी को राजनीतिक फायदा पहुंचाया जा रहा है. उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनावों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के चुनाव परिणामों पर भी सवाल उठाए.
नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे
कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए राहुल गांधी ने कहा, 'अमित शाह कहते हैं कि नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे. हम कह रहे हैं कि हम उन्हें कहीं नहीं जाने देंगे. हम आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेंगे और देश इस वोट चोरी के लिए न्याय मांगेगा... तुम कहीं भाग नहीं पाओगे. तुम यहीं रहोगे। तुम्हारे, अमित शाह और ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई होगी और ज्ञानेश कुमार जेल जाएंगे.' कांग्रेस नेता ने स्पष्ट किया कि विपक्ष का यह अभियान किसी भी व्यक्ति विशेष के प्रति दुश्मनी या नफरत की भावना से प्रेरित नहीं है, बल्कि यह देश के संविधान की रक्षा करने और हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों को सुनिश्चित करने की लड़ाई है.
'मॉक पार्लियामेंट्री सेशन'
उन्होंने आगे कहा, 'हम नरेंद्र मोदी, अमित शाह या ज्ञानेश कुमार से नफरत नहीं करते. हम वो लोग हैं जो नफरत की नहीं, बल्कि प्यार की दुकान खोलते हैं. हम अहिंसा के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं... लेकिन भारत के हर नागरिक की आवाज़ मेरे लिए सबसे ज़्यादा ज़रूरी है, धर्म से भी ऊपर है. यही मेरा असली धर्म है.' बता दें कि यह मेगा रैली 31 अक्टूबर को ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इंडिया ब्लॉक द्वारा आयोजित उस 'मॉक पार्लियामेंट्री सेशन' के ठीक एक दिन बाद हुई, जिसमें विपक्षी नेताओं ने CEC पर गंभीर रूप से छह अलग-अलग आरोप मढ़े थे.
'सिख विरोधी दंगों के जख्मों पर नमक छिड़कना'
विपक्ष के इस तीखे हमले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी चंडीगढ़ की एक सभा में कड़ा पलटवार किया। शाह ने 1 नवंबर यानी 1984 के सिख विरोधी दंगों की बरसी के आसपास दिल्ली में इंडिया ब्लॉक द्वारा इस तरह की बड़ी रैली करने के फैसले पर गंभीर सवाल खड़े किए. अमित शाह ने तीखा प्रहार करते हुए कहा, 'राहुल गांधी का दिल्ली में इस तरह का जलसा करना, 1984 के सिख विरोधी दंगा पीड़ितों के जख्मों पर सीधा नमक छिड़कने जैसा है.'
गृह मंत्री ने 31 अक्टूबर 1984 को पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की हत्या के बाद भड़की देशव्यापी हिंसा की याद दिलाई, जिसमें विशेषकर दिल्ली में हजारों निर्दोष सिख मारे गए थे. शाह ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी को उस भयानक हिंसा के लिए आज भी जवाब देना चाहिए और बरसी के आसपास ऐसा आयोजन करना पीड़ितों के प्रति उसकी असंवेदनशीलता को उजागर करता है. राहुल गांधी की राजनीतिक महत्वकांक्षाओं पर कटाक्ष करते हुए अमित शाह ने व्यंग्य करते हुए कहा, 'अगर आप प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं, तो पूरी ज़िंदगी नकली संसद में ही बैठे रहें; आपकी कभी बारी नहीं आएगी.'
