Delhi Pollution: बारिश के बाद फिर जहरीली हुई दिल्ली की हवा, AQI 307 पहुंचा; अगले 10 दिन राहत नहीं
Delhi Pollution: दिल्ली का AQI 307 पहुंचकर बहुत खराब श्रेणी में पहुंच गया है. पराली और धीमी हवाओं से बढ़ेगा प्रदूषण, अगले 7-10 दिन राहत के आसार नहीं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक बार फिर प्रदूषण का दानव विकराल रूप धारण करने लगा है। पिछले हफ्ते हुई झमाझम बारिश से मिली राहत का असर अब पूरी तरह खत्म हो चुका है और दिल्ली-एनसीआर की हवा एक बार फिर जहरीली हो गई है. सोमवार को इस मौसम में पहली बार दिल्ली का वायु प्रदूषण ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गया, जिससे शहर में घने स्मॉग (धुंध) की चादर छा गई है.
एक दिन में तेजी से बदला हवा का मिजाज
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सोमवार सुबह 7:05 बजे दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) उछलकर 307 पर पहुंच गया. इससे एक दिन पहले, यानी रविवार को 24 घंटे का औसत AQI 261 (‘खराब’ श्रेणी) दर्ज किया गया था, जो शनिवार के 117 (‘मध्यम’ श्रेणी) के मुकाबले काफी ज्यादा था. याद दिला दें कि कुछ ही दिन पहले शुक्रवार को हुई भारी बारिश ने दिल्ली की हवा से प्रदूषण को पूरी तरह धो दिया था और पिछले चार सालों में अक्टूबर का सबसे साफ दिन देखने को मिला था, जब AQI लुढ़ककर मात्र 60 पर आ गया था। लेकिन मौसम बदलते ही प्रदूषण ने फिर से वापसी कर ली है.
निगरानी स्टेशनों का डराने वाला हाल
दिल्ली में कुल 59 वायु गुणवत्ता निगरानी स्टेशन हैं, जिनमें से 58 का डेटा सामने आया:
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36 स्टेशन: यहां हवा की गुणवत्ता “बहुत खराब” दर्ज की गई
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जहांगीरपुरी: यह दिल्ली का एकमात्र ऐसा इलाका रहा जहां स्थिति “गंभीर” (Severe) पाई गई और यहां का AQI 417 रिकॉर्ड किया गया
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5 स्टेशन: यहां हवा “मध्यम” श्रेणी में रही
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शेष स्टेशन: बाकी बचे इलाकों में हवा “खराब” श्रेणी में बनी हुई है
(बता दें कि CPCB के मानकों के अनुसार, 0-50 AQI ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है)
मुख्य दोषी: सूक्ष्म कण PM2.5
हवा में घुले इस ज़हर में सबसे बड़ा योगदान खतरनाक सूक्ष्म कणों का है. CPCB के अनुसार, सोमवार सुबह 6 बजे 58 में से 51 रिपोर्टिंग स्टेशनों पर PM2.5 प्राथमिक प्रदूषक (मुख्य दोषी) बना हुआ था, जबकि बाकी सात जगहों पर PM10 का असर अधिक था. इससे एक दिन पहले भी 57 में से 46 स्टेशनों पर PM2.5 ही मुख्य प्रदूषक दर्ज किया गया था. गौरतलब है कि दिल्ली में इससे पहले इस साल 11 फरवरी को वायु गुणवत्ता इतनी खराब दर्ज की गई थी, तब 24 घंटे का औसत AQI 305 था। वहीं, 4 फरवरी को यह आंकड़ा 339 तक पहुंच गया था.
पराली और मौसमी बदलाव बढ़ा रहे हैं मुश्किलें
दिवाली में अभी एक हफ्ता बाकी है, और उससे पहले ही पटाखों और अन्य स्थानीय कारणों से प्रदूषण का स्तर बढ़ने लगा है. इसके साथ ही पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने के मामले भी चिंता बढ़ा रहे हैं.
नासा (NASA) के सैटेलाइट डेटा के मुताबिक, 1 अक्टूबर से 1 नवंबर के बीच पंजाब और हरियाणा में खेतों में आग लगने की 1,394 घटनाएं दर्ज की गईं. इनमें अकेले पंजाब में 1,249 और हरियाणा में 145 मामले सामने आए, जिनमें से 171 घटनाएं अकेले 1 नवंबर को रिकॉर्ड हुईं. हालांकि, पिछले साल इसी अवधि में आग लगने की 1,861 घटनाएं सामने आई थीं. विशेषज्ञों का मानना है कि सैटेलाइट के आंकड़े पूरी तस्वीर बयां नहीं कर रहे हैं, क्योंकि अब पराली जलाने का समय बदल गया है. साल 2025 और 2024 के आंकड़ों से पता चलता है कि पराली में आग लगने की लगभग 94% से 98% घटनाएं दोपहर 3 बजे के बाद (सैटेलाइट के गुजरने के समय के बाद) होती हैं, जिससे वास्तविक आंकड़े कम दिखाई देते हैं.
आगे और भी डराने वाले हैं हालात
मौसम वैज्ञानिकों ने आने वाले दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। प्रसिद्ध मौसम विज्ञानी नवदीप दहिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर चेतावनी देते हुए कहा कि दिल्ली-एनसीआर में अब आधिकारिक तौर पर स्मॉग का सीज़न शुरू हो चुका है. उन्होंने लिखा, 'दिल्ली-एनसीआर के अधिकांश AQI सेंसर अब 300 का आंकड़ा पार कर चुके हैं और कई जगह रात में यह 400 से 500 की खतरनाक रेंज में पहुंच रहे हैं। हवाएं उत्तर-पश्चिम दिशा से आ रही हैं और गति काफी शांत है. हवा की चाल धीमी होने के कारण प्रदूषण फैलाने वाले सभी एमिशन लंबे समय तक वायुमंडल में ही बने रहेंगे.' दहिया ने साफ किया है कि अगले 7 से 10 दिनों तक मौसम से किसी तरह की राहत मिलने की उम्मीद नहीं है, और आने वाले दिनों में दिल्ली-एनसीआर तथा उत्तरी मैदानी इलाकों में स्मॉग और अधिक घना व खतरनाक हो सकता है. प्रदूषण के इस बढ़ते स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने बुजुर्गों, बच्चों और सांस की बीमारी से पीड़ित लोगों को सुबह की सैर से बचने और घरों से बाहर निकलते समय सावधानी बरतने की सलाह दी है.
